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‘जहां शंख बजाना मना, वहां डीजे पर थिरके लोग’ बदरीनाथ धाम में फूहड़ नाच-गाने पर बवाल,

badrinath Dham Cultural Fest Row: उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम में हाल ही में हुए सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान तेज संगीत और नाच-गाने को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है. आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित इस धाम में जहां शंख बजाने तक की मनाही है, वहां शोर-शराबे वाले आयोजनों को लेकर संत समाज और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने गहरी नाराजगी जताई है. विवाद बढ़ता देख चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने भारतीय सेना (गढ़वाल स्काउट्स) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है. प्रशासन ने साफ किया है कि आयोजन पूरी तरह सेना द्वारा किया गया था और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है.0 Badrinath Dham DJ Row: भगवान नर-नारायण की तपोभूमि और आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित बदरीनाथ धाम की पवित्रता को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. हाल ही में धाम में आयोजित ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ के दौरान डीजे और नाच-गाने के कार्यक्रमों ने संत समाज, तीर्थ पुरोहितों और हिंदू नेता गुस्से में हैं. इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद चमोली जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए भारतीय सेना की स्थानीय बटालियन गढ़वाल स्काउट्स को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर दिया है. ‘जहां शंख भी मना, वहां DJ पर थिरके लोग’ बदरीनाथ धाम में फूहड़ नाच-गाने पर बवाल Badrinath Dham DJ Row: भगवान नर-नारायण की तपोभूमि और आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित बदरीनाथ धाम की पवित्रता को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. हाल ही में धाम में आयोजित ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ के दौरान डीजे और नाच-गाने के कार्यक्रमों ने संत समाज, तीर्थ पुरोहितों और हिंदू नेता गुस्से में हैं. इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद चमोली जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए भारतीय सेना की स्थानीय बटालियन गढ़वाल स्काउट्स को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर दिया है. ‘जहां शंख भी मना, वहां DJ पर थिरके लोग’ बदरीनाथ धाम में फूहड़ नाच-गाने पर बवाल Badrinath Dham DJ Row: भगवान नर-नारायण की तपोभूमि और आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित बदरीनाथ धाम की पवित्रता को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. हाल ही में धाम में आयोजित ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ के दौरान डीजे और नाच-गाने के कार्यक्रमों ने संत समाज, तीर्थ पुरोहितों और हिंदू नेता गुस्से में हैं. इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद चमोली जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए भारतीय सेना की स्थानीय बटालियन गढ़वाल स्काउट्स को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर दिया है. ‘जहां शंख भी मना, वहां DJ पर थिरके लोग’ बदरीनाथ धाम में फूहड़ नाच-गाने पर बवाल डीएम का नया निर्देश DM गौरव कुमार ने कहा, ’19 और 20 सितंबर को इंडियन आर्मी ने बामनी और माणा गांव के इलाकों में ‘वाइब्रेंट विलेज’ स्कीम के तहत कल्चरल प्रोग्राम किए थे. आर्मी के कहने पर, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने इवेंट के दौरान सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट की स्कीमों को पब्लिश करने के लिए स्टॉल लगाए थे. न तो डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन और न ही स्टेट गवर्नमेंट ने कल्चरल प्रोग्राम तय करने या उनसे जुड़े पेमेंट को संभालने में कोई रोल निभाया. ये सभी एक्टिविटीज़ इंडियन आर्मी ने कीं. इंडियन आर्मी को नोटिस जारी करके पूछा गया है कि बिना पहले से परमिशन के बद्रीनाथ धाम इलाके में ऐसा इवेंट क्यों किया गया. इसके अलावा, वहां आगे ऐसे किसी भी इवेंट पर बैन लगा दिया गया है; ऐसे किसी भी प्रोग्राम के लिए जो मंदिर की कल्चरल और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा हो, SDM से पहले से परमिशन लेना जरूरी कर दिया गया है.’ ना को नोटिस, भविष्य के आयोजनों पर रोक विवाद बढ़ता देख चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने स्पष्ट किया है कि 19-20 सितंबर को ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत यह कार्यक्रम भारतीय सेना द्वारा आयोजित किया गया था. जिला प्रशासन या राज्य सरकार की इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों या भुगतान में कोई भूमिका नहीं थी. डीएम ने गढ़वाल स्काउट्स के कमांडिंग ऑफिसर को नोटिस भेजकर पूछा है कि सक्षम स्तर से अनुमति क्यों नहीं ली गई और ऊंची ध्वनि का प्रयोग क्यों हुआ? इसके साथ ही प्रशासन ने आदेश जारी किया है कि भविष्य में बदरीनाथ धाम में कोई भी ऐसा कार्यक्रम बिना एसडीएम की अनुमति के नहीं होगा और जो भी आयोजन होगा, वह धाम की धार्मिक मर्यादा के अनुकूल ही होना चाहिए. सेना ने फिलहाल इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान आने तक चुप्पी साध रखी है.

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